12 वर्षों का इंतजार खत्म : पर्वतपुर कोल ब्लॉक का रास्ता साफ, 10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज11 भारत चंदनकियारी/डेस्क: वर्षों से बंद पड़े पर्वतपुर कोल ब्लॉक के खनन पट्टा को आखिरकार स्वीकृति मिल गई है. करीब 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद मिली इस मंजूरी से क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं, रैयतों और ग्रामीण परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है. लोगों का मानना है कि यह केवल एक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण है, जो वर्षों से रोजगार की आस लगाए बैठे थे.
खनन पट्टा की स्वीकृति के साथ अब बोकारो जिला अंतर्गत चंदनकियारी अंचल के केन्दुलिया, डिबरदा, बिराजडीह, नावाडीह, तलगड़िया, देवग्राम, पर्वतपुर, तीलाटांड़, अमलाबाद, करमाटांड़, नयावन, सिलफोर एवं फतेहपुर मौजा के कुल 2174.52 एकड़ (880 हेक्टेयर) क्षेत्र में खनन गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
स्थानीय रैयतों और ग्रामीणों का कहना है कि कोल ब्लॉक बंद रहने के कारण वर्षों तक क्षेत्र के हजारों लोग बेरोजगारी का दंश झेलते रहे. कई परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया था. युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता था. ऐसे में खनन कार्य शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी.
पर्वतपुर कोल ब्लॉक का लीज पट्टा मिलने की खुशी में भारतीय जनता पार्टी अमलाबाद मंडल के मंडल अध्यक्ष पंकज शेखर की अगुवाई में रैयतों एवं ग्रामीणों ने मुख्य गेट पर एकत्र होकर एक-दूसरे को गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास और बेरोजगारी दूर करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया.
ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष सह भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिंदल कंपनी को पहले ही टेकओवर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन झारखंड सरकार की ओर से खनन पट्टा जारी नहीं किया जा रहा था. ऐसे में अमर कुमार बाउरी ने रांची से लेकर दिल्ली तक लगातार इस मुद्दे को उठाया और कोयला एवं खनन मंत्रालय के समक्ष क्षेत्र की आवाज बुलंद की.
वहीं, सांसद ढुल्लू महतो ने भी इस विषय को संसद में उठाकर क्षेत्र के लोगों की मांग को मजबूती प्रदान की. लगातार प्रयासों और जनभावनाओं के दबाव के बाद आखिरकार झारखंड सरकार ने खनन पट्टा को मंजूरी दे दी.
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह स्वीकृति केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि 12 वर्षों से बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक संकट झेल रहे हजारों परिवारों के सपनों को नई उड़ान देने वाला निर्णय है. उन्होंने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, सांसद ढुल्लू महतो और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि जल्द ही खनन कार्य शुरू होगा और क्षेत्र के युवाओं को उनके घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध होगा.
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