दिल्ली के लाल किला मैदान में गूंजेगी आदिवासी अस्मिता की आवाज, जनजातीय संस्कृति समागम में आदिवासी समाज के लोगों का जुटान
न्यूज़11 भारत रांची/डेस्क: देश की राजधानी लाल किला मैदान आज आदिवासी संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की ऐतिहासिक गूंज का साक्षी बनने जा रहा हैं. जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में आयोजित विशाल 'जनजातीय सांस्कृतिक समागम एवं गर्जना रैली' में देशभर से आदिवासी समाज के लाखों प्रतिनिधियों के जुटने की संभावना हैं. इस राष्ट्रीय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अमित शाह शामिल होंगे.
संस्कृति और परंपरा का भव्य प्रदर्शन कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के प्रसिद्ध करमा नृत्य और पारंपरिक पूजा-अर्चना के सतह होगी. लाल किला मैदान में आदिवासी समाज की लोक संस्कृति, परंपराओं और आस्था का भव्य मंचन किया जाएगा. बताया जा रहा है कि केवल सोनभद्र से ही करीब 5000 जनजातीय लोग इस आयोजन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे हैं. इस महासमागम में झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के कई हिस्सों से आदिवासी समाज के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता गणेश राम करेंगे.
डीलिस्टिंग मुद्दे पर हो सकती है बड़ी चर्चा इस आयोजन का सबसे अहम मुद्दा “डीलिस्टिंग” माना जा रहा है. यानी धर्मांतरण कर चुके लोगों को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करने की मांग को लेकर व्यापक चर्चा हो सकती हैं. माना जा रहा है कि इस विषय पर देशभर के आदिवासी संगठनों की ओर से एक बड़ा संदेश दिया जाएगा.
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