खुलने वाला है हॉर्मुज! डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ युद्ध खत्म होने का किया ऐलान, स्विटजरलैंड में दोनों देशों के बीच हो
न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में शांति स्थापित होने का ऐलान किया है. हालांकि उनकी इस बार की घोषणा को आधिकारिक माना जा रहा है. ट्रम्प की घोषणा के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है. इस ऐतिहासिक समझौते पर अब सिर्फ हस्ताक्षर होना शेष है जो स्विटजरलैंड की बैठक में होगा. इस सहमति के बाद कई महीनों से पश्चिम एशिया में चल रहा गतिरोध खत्म होने वाला है और इस गतिरोध के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया भर में मालवाहक और तेलवाहक जहाजों की आवाजाही ठप हो गयी थी, वह फिर से शुरू हो जाएगी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के साथ बनी सहमति का ऐलान किया है. उन्होंने अपने संदेश में समझौता सम्भव बनाने में शामिल सभी पक्षों को बधाई दी है. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खोलेने का निर्देश भी दे दिया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया के संदेश में लिखा, ‘दुनिया के जहाजो, अपने इंजन चालू करो. तेल को बहने दो!’.
समझौते का पाकिस्तान ले रहा क्रेडिट
अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता होने जा रहा है, उसको लेकर पाकिस्तान अपनी मूंछों पर ताव दे रहा है. वह दुनिया में यह प्रचारित करने में जुट गया है कि यह समझौता करवाने में उसकी अहम भूमिका रही है. पाकिस्तान ने पहले और ट्रम्प की घोषणा के बाद पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोशल मीडिया के जरिए शांति समझौते की जानकारी साझा की है.
समझौते को औपचारिक स्वरूप देना अभी शेष है
भले ही ट्रम्प और शरीफ शांति समझौते की घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से अभी कोई समझौता नहीं हुआ है. जैसा का शहबाज शरीफ ने जानकारी दी है- अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में मिलेंगे और शांति समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे. किन्तु जब तब शांति समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते तब तक थोड़ा सब्र करना होगा, क्योंकि अब के सभी प्रकरणों में सबसे ज्यादा शोर अमेरिकी राष्ट्रपति ही करते नजर आए हैं, ईरान की ओर से कभी भी खुलकर कुछ भी नहीं किया गया है. वह अब तक सिर्फ इशारों में ही संकेत देता रहा है. ईरान ने अभी तक किसी तारीख को लेकर कोई इशारा नहीं किया है. इतना ही नहीं, ईरान ने पाकिस्तान के कुछ बयानों पर आपत्ति भी जताई है.
फिर भी दुनिया उम्मीद कर रही है कि ट्रम्प और शरीफ की घोषणाएं शराफत के साथ की गई हों. क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना और जहाजों की आवाजाही का पहले की तरह से सुचारू होना हर कोई चाह रहा है और यह पूरी दुनिया के लिए जरूरी भी है.
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