बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: TMC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 440 करोड़ रुपये फ्रीज, कई ठिकानों पर छापेमारी
न्यूज़11 भारत कोलकाता/डेस्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच के दौरान एजेंसी ने ऐसे बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया, जिनकी वित्तीय गतिविधियां जांच के दायरे में हैं.
कोलकाता समेत कई जिलों में एक साथ कार्रवाई ईडी की कई टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में तलाशी अभियान चला रही हैं. जांच एजेंसी उन बैंक खातों की विस्तार से पड़ताल कर रही है, जिनमें लगभग 440 करोड़ रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है. अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात का पता लगाना है कि यह रकम किन स्रोतों से आई, इसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया और क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े किसी कानून का उल्लंघन हुआ है.
निजी एविएशन कंपनी भी जांच के घेरे में जांच के दौरान एक निजी एविएशन कंपनी का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि यह कंपनी पहले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी अतीत में इस कंपनी की सेवाएं ली थीं. हालांकि, केवल चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है. ईडी फिलहाल कंपनी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और उसके संभावित संबंधों की जांच कर रही है.
440 करोड़ रुपये का मामला कैसे आया सामने? बताया जाता है कि इन बैंक खातों को लेकर विवाद विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ था. उस समय टीएमसी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष और पूर्व मंत्री अरुण विश्वास ने बैंक को पत्र लिखकर खातों में जमा राशि के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई थी. इसके बाद टीएमसी छोड़ चुके कुछ विधायकों ने पश्चिम बंगाल पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि इन खातों में भ्रष्टाचार और कथित जबरन वसूली से जुटाई गई रकम जमा की गई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया था, जिससे किसी भी पक्ष को रकम निकालने की अनुमति नहीं थी.
हाईकोर्ट तक पहुंचा विवाद, अब ईडी की जांच तेज बैंक खातों पर लगी रोक को हटाने के लिए ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था. हालांकि अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से मामले की जांच को और तेज कर दिया. अब एजेंसी पूरे फंड फ्लो की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खातों में जमा इतनी बड़ी राशि कहां से आई और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया.
कार्रवाई के बाद सियासी घमासान तेज ईडी की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. विपक्षी दल इसे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कहना है कि यदि जांच में किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के सबूत सामने आते हैं, तो कानून के मुताबिक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर ईडी की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है.