कुछ दिनों बाद बजनी थीं शहनाइयां, लेकिन आ गई मौत की खबर; लोहगढ़ किले पर हादसे में युवा कारोबारी की मौत
न्यूज11 भारत रांची/डेस्क: एक ऐसा घर जहां शादी की तैयारियां जोरों पर थीं, जहां मेहमानों की सूची बन रही थी और आने वाले दिनों की खुशियों की योजनाएं तैयार हो रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है. महाराष्ट्र के पुणे स्थित लोहगढ़ किले पर हुए एक दर्दनाक हादसे में 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत हो गई. वह अपने परिवार के साथ घूमने गए थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी. जानकारी के मुताबिक, केतन अग्रवाल अपने परिजनों और दोस्तों के साथ लोहगढ़ किले का भ्रमण कर रहे थे. इसी दौरान एक स्थान पर उनका पैर फिसल गया और वे सीधे गहरी खाई में जा गिरे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खाई की गहराई करीब 350 फीट बताई जा रही है. गिरावट इतनी गंभीर थी कि उन्हें बचाने का मौका नहीं मिल सका.
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए. लोणावला ग्रामीण पुलिस के अलावा शिवदुर्ग मित्र लोणावला और मावळ वन्यजीव रक्षक संगठन के सदस्य भी मौके पर पहुंचे. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच चलाए गए रेस्क्यू अभियान के बाद केतन को खाई से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. केतन अग्रवाल एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखते थे. वह निर्माण व्यवसायी विशाल अग्रवाल के पुत्र थे. उनके निधन की खबर सामने आते ही व्यापारिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर फैल गई.
इस हादसे की सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि अगले महीने केतन की शादी होने वाली थी. परिवार ने विवाह समारोह की भव्य तैयारियां कर रखी थीं. बताया जाता है कि जयपुर में एक शानदार पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए थे. परिवार शादी को यादगार बनाने की तैयारी में जुटा था.
परिजनों के अनुसार, 19 जून को उनकी होने वाली पत्नी का जन्मदिन भी था. इस खास दिन को सेलिब्रेट करने के लिए महाबलेश्वर में कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी. लेकिन जन्मदिन की खुशियों से पहले ही यह दुखद खबर परिवार पर वज्रपात बनकर टूटी. फिलहाल लोणावला ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा गुरुवार सुबह करीब 10 बजे हुआ.
गौरतलब है कि लोहगढ़ किला महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है. मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में यह घटना एक बार फिर पर्यटकों को पहाड़ी और फिसलन वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सीख दे रही है.
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