ईरान के यूरेनियम सौंपने और समझौता होने के साथ 60 दिनों के युद्ध विराम की बड़ी खबर! खुलेगा हॉर्मुज स्ट्रेट, मिलेगी राहत!
न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव होने की बड़ी खबर सामने आ रही है. जो जानकारियां आ रही हैं उसके अनुसार, अमेरिका की ओर से दावा किया जा रहा है कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम छोड़ने को तैयार हो गया है. क्योंकि इसी यूरेनियम को लेकर ही अमेरिका और ईरान में तनातनी थी और दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बातचीत में प्रगति के संकेत दिए जाने जाने के बीच यह भी खबर आ रही है कि दोनों देशों के बीच 60 दिनों का संघर्ष विराम भी लगेगा और हॉर्मुज स्ट्रेट भी खुलेगा. बता दें कि हॉर्मुज स्ट्रेट के नहीं खुलने की वजह से ही दुनिया का समने ऊर्जा का संकट छाया हुआ है.
ट्रंप की ओर से क्या किया गया है दावा?
ट्रंप ने 'मध्य पूर्व के सहयोगियों के साथ अच्छी बातचीत होने की बात कही है. उन्होंने कहा कि यह बातचीत ईरान और 'शांति' से जुड़े एक समझौते के बारे में थी जो पूरी भी हो चुकी है. इसके अंतिम रूप दिए जाने के बाद जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जिस समझौते की ओर हम बढ़ रहे हैं, उसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को भी खोला जाना भी शामिल है.
समझौते पर ईरान का रुख भी सकारात्मक
समझौते को लेकर ईरान के विदेश मंत्रालय का भी बयान सामने आ रहा है जो ट्रंप के दावों के करीब है. ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने दोनों देशों के बीच किसी 'सहमति पत्र' का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान 14 बिंदुओं पर अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है. इस समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है. इस समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अगले 30 से 60 दिन हम बातचीत को आगे बढ़ाएंगे ताकि एक अंतिम समझौता किया जा सके.
हालांकि दोनों देशों के दावों में थोड़ा-बहुत विरोधाभास भी नजर आया है, लेकिन अच्छी बात यह है और माना जा रहा है कि दोनों देश एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के करीब हैं. यह समझौता हो जाता है तो मौजूदा युद्धविराम 60 दिनों के लिए बढ़ जाएगा और होर्मुज जलडमरूमध्य के खोलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा. मगर यह तभी सम्भव है जब दोनोों देश प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार हो जाए. परन्तु जहां तक हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बाद के प्रबंधन की बात है तो ईरान उस पर से अपना अधिकार नहीं छोड़ना चाहता.