भारत की 61 हस्तियां चाहती हैं पाकिस्तान से रिश्ते सुधारना, पड़ोसी देश की भी 56 हस्तियों ने पीएम मोदी से किया अनुरोध
न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने की एक पहल हुई है. इसके लिए भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है और कुछ सलाह भी दी है. हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब भारतीय हस्तियों ने पीएम मोदी से ऐसी अपील न की हो, लेकिन यह मांग अक्सर कांग्रेस, कश्मीरी पार्टियों, टीएमसी या पूर्व राजनयिकों के द्वारा की गई है. इस बार भी जिन हस्तियों ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है, उनमें भी ऐसी ही हस्तियां शामिल हैं.
ये हस्तियां चाहती हैं पाकिस्तान से बेहतर हों रिश्ते
कश्मीर के नेता
- डॉ. फारूक अब्दुल्ला - नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ पूर्व J&K CM
- महबूबा मुफ्ती - PDP चीफ पूर्व J&K CM
- मिरवाइज उमर फारूक - हुर्रियत नेता, कश्मीर के मुख्य मौलवी
- प्रो. सैफुद्दीन सोज - पूर्व कांग्रेस नेता
राजनेता/सांसद
- मनोज झा - RJD सांसद राज्यसभा MP
- मणि शंकर अय्यर - पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस नेता
- हुमायूं कबीर - TMC के पूर्व मंत्री, अभी AJUP नेता
- जवाहर सरकार - पूर्व IAS, TMC सांसद
पूर्व अधिकारी/अन्य
- A.S. दुलत - पूर्व RAW चीफ
- प्रो. अपूर्वानंद - दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रोफेसर
- शेष 50 से अधिक साइन करने वालों में अकादमिक्स, जर्नलिस्ट, सिविल सोसाइटी मेंबर्स और रिटायर्ड डिप्लोमैट्स शामिल हैं।
हस्तियों की प्रमुख मांगें
- फुल डिप्लोमैटिक रिश्ते बहाल और हाई कमिश्नर की नियुक्ति
- वीजा सर्विस शुरू करना
- जम्मू-कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर 2004-2007 वाला फ्रेमवर्क फिर से बात करना
- अटारी-वाघा बॉर्डर, श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस, करतारपुर कॉरिडोर खोलना
- MFN स्टेटस/नॉन-डिस्क्रिमिनेटरी ट्रेड बहाल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहले भी कर चुके हैं पहल
याद होगा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने की खुद पहल कर चुके हैं, लेकिन पाकिस्तन ने इस पहल का जवाब आतंकी हमलों से दिया था. 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद 2015 में नरेन्द्र मोदी विदेश दौरे के दौरान अचानक पाकिस्तान पहुंच गये थे. तब नवाज शरीप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, 25 दिसंबर, 2015 को लाहौर जाकर तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी. लेकिन इसके बाद क्या हुआ था. 2 जनवरी, 2016 को पठानकोट आतंकी हमला कर पाकिस्तान ने यह जता दिया था कि उससे रिश्ते सुधारने का यही अंजाम होगा. इसके बाद दोनों देशों में द्विपक्षीय वार्ताएं बंद हो गईं. 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने और 2025 में पहलगाम के आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद रिश्ते सुधारने की पहल का पटाक्षेप हो गयी.
कश्मीरी नेताओं समेत विपक्ष की नेताओं की पाकिस्तान परस्ती बंद कमरों से लेकर संसद तक देखने को अक्सर मिलती रही है. इस बार भी जो पहल की गई है, वह भी इससे ज्यादा कुछ नजर नहीं आती. रही पाकिस्तान की बात तो पाकिस्तान सिंधु जल समझौता निरस्त किए जाने के बाद पूरी तरह से टूट चुका है. अब तो सिंधु जल को लेकर पाकिस्तान के नेताओं की बौखलाहट साफ सुनाई दे रही है. पाकिस्तान के एक मंत्री ने हाल ही यहां तक कह दिया था कि पानी रोकने वालों के हाथ काट देंगे.
2019 में नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफजई ने भी 64 अन्य नोबेल विजेताओं के साथ भारत-पाक तनाव कम करने की अपील की थी. पर इनकी यह अपील अन्य मुद्दे लेकर था, लेकिन ताजा मामला पाकिस्तान परस्त भारतीय विपक्षी नेताओं और भारत की कार्रवाई से त्रस्त पाकिस्तानी हस्तियों से जुड़ा है. वे जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं ताकि परेशान पाकिस्तान को कुछ राहत मिल सके.
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