शेरघाटी प्रखंड की चिताबकला पंचायत में पैक्स चुनाव

मतदान केंद्र बना रणक्षेत्र! पैक्स चुनाव के दौरान मारपीट, तीन लोग जख्मी

पैक्स चुनाव के दौरान मारपीट

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

राहुल कुमार / शेरघाटी -  शेरघाटी प्रखंड की चिताबकला पंचायत में बुधवार को पैक्स चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर अचानक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार मतदान प्रक्रिया के बीच दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मतदान केंद्र पर मतदाता शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे, तभी मतदान प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर एक पक्ष ने आपत्ति जताई। दूसरे पक्ष द्वारा इसका विरोध किए जाने पर दोनों ओर से तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आपस में मारपीट पर उतर आए। घटना के बाद मतदान केंद्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए लोगों में दहशत फैल गई।

हाईलाइट्स - 

  • शेरघाटी के चिताबकला पंचायत में पैक्स चुनाव के दौरान दो पक्षों में मारपीट।
  • मतदान प्रक्रिया को लेकर विवाद के बाद स्थिति हुई तनावपूर्ण।
  • रणविजय प्रसाद यादव समेत तीन लोग घायल, अस्पताल में भर्ती।
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले, जांच शुरू।
  • घटना के बावजूद प्रशासन ने मतदान प्रक्रिया जारी रखने का दावा किया।

मारपीट में तीन लोग घायल, अस्पताल में भर्ती

इस घटना में रणविजय प्रसाद यादव, उनके पुत्र पुरुषोत्तम कुमार तथा मौजमा गांव निवासी अभय कुमार घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों का प्राथमिक उपचार किया गया, जबकि रणविजय प्रसाद यादव की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें निगरानी में रखा है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और मतदान केंद्र के आसपास जुट गए। घायलों के परिजनों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विवाद को शांत कराया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मतदान के दौरान तनाव की संभावना को लेकर पहले ही संबंधित अधिकारियों और थाना को सूचना दी गई थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही अतिरिक्त बल के साथ मतदान केंद्र पहुंचकर हालात को नियंत्रित कर लिया गया और मतदान प्रक्रिया को पुनः सुचारु रूप से शुरू कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि घटना के बावजूद मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

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