सीता नवमी पर विजय कुमार सिन्हा ने मां जानकी को बिह

सीता नवमी पर विजय कुमार सिन्हा का बयान: जानकी धाम बनेगा विश्वस्तरीय तीर्थ, मां सीता बिहार की अस्मिता का प्रतीक

सीता नवमी पर विजय कुमार सिन्हा का बयान

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

सीतामढ़ी - सीता नवमी के अवसर पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे बिहार की सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि मां जानकी हर बिहारी की अस्मिता और गौरव का प्रतीक हैं, और उनके जीवन से जुड़े स्थलों का संरक्षण और विकास पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है।

हाईलाइट्स - 

  • सीता नवमी को बताया बिहार की सांस्कृतिक चेतना का पर्व
  • पुनौरा धाम में 882 करोड़ की मंदिर परियोजना पर काम जारी
  • जानकी कॉरिडोर से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
  • सीतामढ़ी को सीतापुरम के रूप में विकसित करने की योजना
  • 3100 करोड़ के राम-जानकी मार्ग और रेलवे प्रोजेक्ट पर काम

सीता नवमी: आस्था और अस्मिता का पर्व

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जिस तरह 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि का पुनरुद्धार हुआ, उसी तरह अब बिहार में पुनौरा धाम में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण एक ऐतिहासिक कदम है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि मां सीता से जुड़े सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को मिलाकर “जानकी कॉरिडोर” के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इससे न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

सीतामढ़ी विकास योजनाओं में शामिल

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सीतामढ़ी का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। हाल ही में बिहार में 11 नए टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें सीतामढ़ी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि मां जानकी की प्रकट स्थली को “सीतापुरम” के रूप में विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाने की दिशा में काम चल रहा है।

बड़े प्रोजेक्ट्स और कनेक्टिविटी पर जोर

उन्होंने बताया कि अगस्त माह में पुनौरा धाम स्थित मंदिर के पुनर्निर्माण का शिलान्यास और भूमिपूजन किया गया था। यह परियोजना लगभग 882 करोड़ रुपये की है, जिसमें मंदिर परिसर, यात्री सुविधाएं, ऑडिटोरियम, अतिथि गृह और घाटों का विकास शामिल है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा 4553 करोड़ रुपये की लागत से रेल नेटवर्क विस्तार—नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर लाइन का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहीं, अयोध्या से सीतामढ़ी को जोड़ने वाले 3100 करोड़ रुपये के राम-जानकी मार्ग पर भी तेजी से काम चल रहा है।

किसान संवाद यात्रा की शुरुआत

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 16 अप्रैल से ‘किसान कल्याण संवाद यात्रा’ की शुरुआत भी मां जानकी की जन्मभूमि से की गई है। उन्होंने कहा कि मां सीता का जीवन कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन मूल्यों से गहराई से जुड़ा है, इसलिए बिहार के समग्र विकास की दिशा भी इसी विरासत से प्रेरित है।

इसे भी पढ़ें - बिहार वालों की बल्ले-बल्ले, अब शादी और यात्रा के लिए सस्ती सरकारी बसें आसानी से मिलेंगी