मधुबनी बना मैन्युफैक्चरिंग हब: सावी ग्लोबल की 300 करोड़ की फैक्ट्री शुरु, 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
मधुबनी / पटना -
हाईलाइट्स:
- मधुबनी के पंडौल में 300 करोड़ की सावी ग्लोबल फैक्ट्री का उद्घाटन
- टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर निर्माण से बढ़ेगा औद्योगिक विकास
- ‘मेड इन बिहार’ ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान
- पूर्ण क्षमता पर 12 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
- स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवाओं के लिए बड़ा अवसर
अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मधुबनी चित्रकला के लिए विश्वभर में पहचान रखने वाला मधुबनी अब एक नई औद्योगिक विकास की कहानी लिख रहा है। सावी ग्लोबल फैशन प्राइवेट लिमिटेड की टेक्सटाइल और लेदर निर्माण इकाई का हालिया उद्घाटन इस बदलाव का प्रतीक है। यह केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि बिहार की बदलती आर्थिक सोच, बढ़ते आत्मविश्वास और नए अवसरों की बुनियाद है।
हाल ही में सावी ग्लोबल फैशन की टेक्सटाइल्स एवं लेदर फैक्ट्री का उद्घाटन किया गया। 300 करोड़ के निवेश से स्थापित यह इकाई औद्योगिक क्षेत्र, पंडौल में 13.27 एकड़ में फैली है, जिसमें लगभग 6.65 एकड़ का निर्मित क्षेत्र शामिल है। यहां तैयार होने वाले टेक्सटाइल परिधान, लेदर उत्पाद और जूते न केवल घरेलू बाजार की मांग को पूरा करेंगे, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
‘मेड इन बिहार’ ब्रांड को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: सचिव
उद्योग विभाग के सचिव सह बियाडा और आईडीए के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन कुमार ने कहा कि सावी ग्लोबल की यह इकाई बिहार में ‘मेड इन बिहार’ ब्रांड को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, बेहतर आधारभूत संरचना और तेज़ी से अनुमोदन की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है। मधुबनी जैसे जिलों में इस तरह के निवेश न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेंगे, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के माध्यम से राज्य के समावेशी विकास को भी गति देंगे।
इस परियोजना से मिलेंगे 12 हजार लोगों को रोजगार
सचिव ने बताया कि इस परियोजना की असली ताकत इसके उत्पादन से कहीं अधिक, इसके प्रभाव में छिपी है। पूर्ण क्षमता पर लगभग 12 हजार लोगों को रोजगार देने वाली यह यूनिट हजारों परिवारों के जीवन में स्थिरता और आय का नया आधार बनेगी। भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे यह साफ है कि उद्योग अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतर चुका है।
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