मॉनसून को लेकर पटना में जलभराव से निपटने के लिए बु

डूबेगा नहीं पटना! 364 पंप, वॉर मोड में तैयारी और सख्त मॉनिटरिंग से जलभराव पर बड़ा प्लान

डूबेगा नहीं पटना

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

 पटना -  मॉनसून को देखते हुए राजधानी पटना में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बिहार राज्य शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने शहर के सभी स्थाई और अस्थाई ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन (डीपीएस) को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है, ताकि बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

बुडको के प्रबंध निदेशक ने हाल ही में पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक कर मॉनसून पूर्व तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अधिकारी केवल एजेंसियों पर निर्भर न रहें, बल्कि खुद भी नियमित रूप से पंपों और सिस्टम की जांच करें।

हाइलाइट्स:

  • मॉनसून से पहले पटना में डीपीएस की मरम्मत और सफाई शुरू
  • 364 पंपों के जरिए जलनिकासी व्यवस्था मजबूत
  • 3 प्रमंडलों में बांटकर तय की गई जिम्मेदारी
  • कार्य की वीडियोग्राफी और दोहरी जांच होगी सुनिश्चित

वेल की सफाई और सख्त निगरानी

डीपीएस से जुड़े सभी संप (सम्प) के वेल की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि गाद हटाकर पानी के प्रवाह को बेहतर बनाया जा सके। इसके साथ ही ग्रेटिंग की सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है। कार्य पूरा होने के बाद उसकी वीडियोग्राफी की जाएगी और मुख्यालय स्तर पर दोबारा जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

पटना शहर में जलनिकासी के लिए कुल 56 स्थाई और 35 अस्थाई डीपीएस सक्रिय किए गए हैं। इसके अलावा, जलजमाव वाले अतिरिक्त स्थानों पर 35 अस्थाई डीपीएस बनाए गए हैं। पटना से दानापुर तक इन अस्थाई केंद्रों के जरिए पंप लगाकर पानी निकालने की व्यवस्था की गई है।

शहर के विभिन्न अंचलों में डीपीएस और पंपों की तैनाती इस प्रकार की गई है—

  • अजीमाबाद: 7 डीपीएस, 33 पंप
  • कंकड़बाग: 7 डीपीएस, 46 पंप
  • बांकीपुर: 7 डीपीएस, 35 पंप
  • पाटलिपुत्र: 9 डीपीएस, 36 पंप
  • नूतन राजधानी: 26 डीपीएस, 105 पंप

कुल मिलाकर शहर में 364 पंप लगाए गए हैं, जिनमें 265 विद्युत चालित और 99 डीजल पंप शामिल हैं। साथ ही मॉनसून के दौरान बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे पटना को तीन यांत्रिक कार्य प्रमंडलों में विभाजित किया गया है—

  • पटना पूर्वी प्रमंडल: अजीमाबाद और पटना सिटी क्षेत्र
  • पटना मध्य प्रमंडल: कंकड़बाग और बांकीपुर क्षेत्र
  • पटना पश्चिमी प्रमंडल: पाटलिपुत्र, नूतन राजधानी, पटना पश्चिम और दानापुर

इन प्रमंडलों के मुख्यालय भी निर्धारित कर दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बुडको ने साफ कर दिया है कि इस बार मॉनसून में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और जांच की प्रक्रिया लागू की गई है, ताकि राजधानी में जलभराव की समस्या को न्यूनतम किया जा सके।

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