फर्राटा भरेंगे वाहन : बिहार का यह NH होगा फोरलेन, इन एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी
न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को फोरलेन बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के निर्देश पर एनएच ने नई परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
यह रास्ता होगा फेरलेन
नई योजना के तहत नौबतपुर से अरवल तक मुख्य रास्ता फोरलेन होगा। फिर अरवल से औरंगाबाद के महाराजगंज तक यातायात को सुगम बनाने के लिए चार प्रमुख फोरलेन बाइपास बनेंगे। इनमें अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बाइपास भी शामिल हैं।
तैयार हो रहा डीपीआर
जानकारी के अनुसार, अरवल के अलावा दाउदनगर में करीब 8.3 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं, ओबरा में लगभग सात किलोमीटर तथा औरंगाबाद में भरथौली नहर के पहले से अंबा के आगे भारत माला परियोजना की सड़क तक लगभग 28 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाइपास का डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
कम होगा यातायात का दबाव
औरंगाबाद बाइपास भरथौली नहर के पहले से शुरू होकर शहर के पश्चिमी हिस्से तथा रिसियप के पश्चिम से गुजरते हुए सीधे अंबा से आगे भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता (रांची मार्ग) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ जाएगा। इससे लंबी दूरी के वाहनों को औरंगाबाद, रिसियप और अंबा शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं होगी और यातायात का दबाव काफी कम होगा।
धनीबार गांव-पोला गांव तक सड़क होगी फोरलेन
नई योजना के तहत, धनीबार गांव से पोला गांव तक सड़क को फोरलेन किया जाएगा। पोला से हरिहरगंज तक फोरलेन बाइपास का निर्माण कार्य जारी है। इसका लाभ यह होगा कि एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन धनीबार के पास उतरकर फोरलेन मार्ग से पोला पहुंचेंगे और वहां से हरिहरगंज बाइपास होते हुए डालटेनगंज और गढ़वा की तरफ आगे बढ़ सकेंगे। बता दें कि औरंगाबाद बाइपास भारत माला परियोजना से जुड़ने से पटना, औरंगाबाद, पलामू तथा भारतमाला एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।