शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि विद्यालय

शिक्षा मंत्री ने की कक्षाओं के बाहर स्लोगन लिखने की अपील, कहा- इससे बच्चों में रचनात्मकता और...

छात्राओं से संवाद करते शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी

न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि विद्यालयों का वातावरण ऐसा होना चाहिए जो विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जीवन मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक सोच के लिए भी प्रेरित करे। इसके लिए सभी कक्षाओं के बाहर प्रेरक स्लोगन लिखे जाएं ताकि बच्चों को रोज़ नई सीख और सकारात्मक प्रेरणा मिल सके।

16 जुलाई को स्कूल में पहुंचेंगे सीएम

ये बातें शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को शास्त्रीनगर स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कहीं। पटना के जिन 10 मॉडल स्कूलों को सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किया गया है, उनमें यह विद्यालय भी शामिल है। 16 जुलाई को इस विद्यालय में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय की शैक्षणिक और आधारभूत व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। 

स्कूल का सुविधाओं का निरीक्षण 

उन्होंने बारी-बारी से क्लास रूम, केमिस्ट्री लैब, अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय सहित अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि छात्राओं के लिए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए जो उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ नवाचार, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित करे।

छात्रों से किया संवाद 

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रयोगशाला में मौजूद छात्राओं से संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडल और उपकरणों को देखा। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता, तकनीकी समझ और कौशल आधारित सोच की सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों में नवाचार और प्रयोग की संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, नए विचारों पर कार्य करने और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

विद्यालय की व्यवस्था पर संतोष

शिक्षा मंत्री ने विद्यालय की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार मॉडल स्कूलों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन, आधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक आर. सज्जन, राज्य परियोजना निदेशक प्रशांत कुमार तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।